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NPS क्या है और इसके फायदे क्या हैं


​आज कल अपने भविष्य को लेकर हर कोई चिंतित रहता है और उसे सिक्योर करना चाहता है! मौजूदा समय में आपके पास बचत के कई विकल्प हैं। ऐसी ही एक स्कीम है NPS (नेशनल पेंशन स्कीम या एनपीएस). इस स्कीम की सबसे अच्छी बात यह कि इसे सरकारी कर्मचारी हो या प्राइवेट चाहे वह किसान क्यों न हो प्रत्येक व्यक्ति खोल सकता है. न्यू पेंशन स्कीम का एकाउंट ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी खोला जा सकता है। आइये जानते है राष्ट्रीय पेंशन योजना या एनपीएस के बारे में विस्तार से-


  • NPS क्या है-What is NPS?


        न्यू पेंशन स्कीम या नैशनल पेंशन स्कीम(national pension scheme) एक रिटायरमेंट सेविंग खाता है. भारत सरकार द्वारा 10 अक्टूबर 2003 में पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण(Pension Fund Regulatory & Development Authority) की थी जिसे भारत सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लांच कर दिया था। जानकारी के लिए बता दें इस तारीख के बाद सरकारी विभागों में नियुक्ति पाने वाले सभी अधिकारी/कर्मचारियों(आर्मी को छोड़कर) के लिए इस योजना को अनिवार्य कर दिया गया। इसके पश्चात इस स्कीम को प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के लिए भी वर्ष 2009 में खोल दिया गया। वर्तमान समय में इस योजना का लाभ कोई भी व्यक्ति चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट यहां तक किसान भी उठा सकते हैं। NPS में खाता खोलने के लिए उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।




  • एनपीएस खाता कैसे खुलता है-How To Open NPS Account?


भारत सरकार द्वारा सम्पूर्ण भारत में Point Of Presence(POP) बनाए हैं, जिनमें खाता ओपेन कराया जा सकता है। इसके साथ ही लगभग सभी सरकारी व प्राइवेट बैंको को पोओपी बनाया गया हैं आप अपने नजदीक की बैंक शाखा में जाकर खाता खुलवा सकते हैं।



  • NPS एकाउंट के प्रकार- Type of NPS Account in Hindi


इस पेंशन स्कीम में दो तरह के एकाउंट होते हैं, जिसमें पहला टियर-1 और दूसरा टियर-2। प्रत्येक खाताधारक को एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर कार्ड दिया जाता है जिस पर 12 अंको का एक कोड होता है वही कोड लेन-देन में काम करता है।

टियर-1 – यह नॉन विड्रावल सेविंग एकाउंड है यानि इस अकाउंट में जो भी धनराशि जमा की जाती है उसे रिटायरमेंट या 65 वर्ष के बाद ही निकाल सकते हैं।

टियर – 2 : यह एक साधारण सेविंग अकाउंट की तरह काम करता है जिससे अकाउंट होल्डर अपनी इच्छा से इसमें पैसा जमा कर सकते हैं और निकाल भी सकते है। यह अकाउंट कोई भी खोल सकता है।


  • स्कीम से बाहर आने पर क्या होगा-


अकाउंट धारक को रियारमेंट के बाद पेंशन मिलेगी। रिटारमेंट के बाद वह टियर-1 के तहत पैसा निकाल सकता है। यदि अकाउंट धारक की मृत्यु हो जाती है तो पूरा पैसा नॉमिनी को मिलेगा।





नोट : एक आदमी एक ही एनपीएस खाता खोल सकता है. जब कोई एनपीएस अकाउंट खोलता है, तो उसे एक PRAN (Permanent Retirement Account Number) मिलता है. एक व्यक्ति के पास केवल एक ही PRAN हो सकता है. इसका मतलब दूसरा PRAN नहीं खोला जा सकता है. PRAN पूरी तरह पोर्टेबल है. यानी अगर एनपीएस अकाउंट शिफ्ट करना है, तो नया अकाउंट खोलने की ज़रूरत नहीं है. पुराने खाते को ही शिफ्ट किया जा सकता है. 
किसी बैंक शाखा में जाकर एनपीएस खाता खोला जा सकता है. आधार की मदद से भी एनपीएस खाता खोला जा सकता है.